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krishisamadhan > सेब
सेब का बीमा फल लगने से पहले कई चरणो से गुजरता है। इनमे से एक प्रमुख और आखिरी चरण है, जिसे पंहकुड़ी पात या (पेटल फॉल) के नाम से जाना जाता है। जेसा के नाम से प्रतित होता है
रूटस्टॉक और सीडलिंग के बीच का अंतर हमेशा से चर्चा का विषय बना रहा है । बागवानों में इन दोनों विषय को लेकर उत्साह चरम सीमा पर रहा है, हालाँकि, आज भी कई ऐसे बागवान है, जो इन दोनों में फरक नहीं कर पाते ।
सर्दियों आने से पहले, सेब बागवानों को अक्सर पेड़ के तनो में चुना लगाते हुए पाया गया है । जाड़े के मौसम में पेड़ की तने को सफेद रंग से रंगना एक अहम प्रक्रिया मानी जाती है ।
सेब के पेड़ों की छंटाई पेड़ के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यूँ तो प्रूनिंग को गर्मी एवं सर्दी दोनों मौसम में किया जाता है, लेकिन सर्दी का समय इस प्रक्रिया के लिए अतिउत्तम माना जाता है । पर प्रूनिंग करने के पीछे कारण क्या होता है ?
ग्राफ्टिंग वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा आप अपनी पसंद की सेब की किस्म से एक पौधे के ऊतक को दूसरे पौधे के ऊतकों में प्रविष्ट कराते हैं ।