कृषि, कृषक, कोशिश और खलिहान भारत की पहचान भी है और यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है। भारत का ज़िक्र होते ही सबसे पहले जो ध्यान में तस्वीर बनती है वो खेतों की और खेतों में लहलहाती फसलों के बीच किसान की ही बनती है। इतिहास साक्षी है कि भारत के विकास की गौरवमयी यात्रा का मूल आधार कृषि है ।