कृषि व बागवानी क्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण पर खर्च होंगे 2 हजार करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश सरकार कृषि व बागवानी क्षेत्र को सुदृढ़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रही है।… Read More
आधुनिक कृषि में फसल और पशुधन प्रजनन के तरीके हैं जिनकी अधिकांश किसान तलाश कर रहे हैं। सामान्यतः संकर बीजों का प्रयोग किया जाता है। यह वह जगह है जहां पौधों की दो या दो से अधिक प्रजातियों का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली संतान पैदा करने के लिए किया जाता है।
कृषि उत्पादन भारत में खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, सतत विकास और गरीबी उन्मूलन की आधारशिला है। कृषि क्षेत्र कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 18 प्रतिशत और कुल एनडीपी शुद्ध घरेलू उत्पाद का लगभग 40 प्रतिशत योगदान देता है।
डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ, अर्थव्यवस्था और समाज के सभी क्षेत्रों को असंख्य रूप से प्रभावित कर रही हैं और इसमें लगातार बदलाव कर रही हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र को सबसे प्रमुख माना जाता है। भारत गेहूं, चावल, दालें, मसालों समेत कई उत्पादों में सबसे बड़ा उत्पादक देश है। हमारे देश के कृषि क्षेत्र में सुधार और ग्रामीण विकास के लिए कई नई पहल की जा रही हैं। कृषि में सुधार लाने में कई क्षेत्रों का अहम योगदान रहता है, लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।
अपनी छत पर जोसेफ फ्रांसिस पुथेनपरम्बिल ने आम के पौधे लगाए हैं जो केवल चार फीट लंबे होते हैं और एक ही पेड़