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मशरूम की खेती

मशरूम की खेती मशरूम एक पूर्ण स्वास्थ्यवर्ध्क, शाकाहारी, पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर आहार है, जो सभी लोगों यानी बच्चों से लेकर वृद्ध तक के लिए अनुकूल है। भारत… Read More

भारत में कृषि का इतिहास

भारत में कृषि का इतिहास कृषि के क्षेत्र में भारत का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। भारतीय सभ्यता के अनुसार भारत  में कृषि का इतिहास नवपाषाण काल से लेकर अनवरत जारी… Read More

मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजनाएँ

मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजनाएँ भारत सरकार द्वारा 2014-15 से चलाई जा रही राष्ट्रीय मिशन कृषि के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता पर एक सतत योजना शुरू… Read More

केवल 10 एकड़ कृषि भूमि के साथ एक वर्ष में 1 लाख कमाएं

भारत में कई किसान ऐसे हैं जिनके पास 5 एकड़ से भी कम जमीन है। यहां हम जिस तरीके की चर्चा करेंगे उससे किसानों के लिए हर महीने अच्छी आय… Read More

भारत में जैविक खेती की स्थिति

देश में जैविक खेती के तहत क्षेत्र निवल बुवाई क्षेत्र का 2 प्रतिशत है भारत में जैविक खेती एक प्रारंभिक अवस्था में है। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के… Read More

बाजरा को संकर बीज बनाने की आवश्यकता नहीं है।

पारंपरिक पोषक अनाजों को बढ़ावा: बाजरा को संकर नहीं बनाने की आवश्यकता 20 वीं शताब्दी के सबसे प्रभावशाली मनोवैज्ञानिक माने जाने वाले, अब्राहम मास्लो ने मानव प्रेरणा को चलाने वाले कारकों… Read More

कृषि में प्रौद्योगिकी का महत्त्व

कृषि में प्रौद्योगिकी का उपयोग शाकनाशी, कीटनाशक, उर्वरक और उन्नत बीज का उपयोग जैसे कृषि संबंधी विभिन्न पहलुओं में किया जा सकता है ।

वर्षों से कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी अत्यंत उपयोगी साबित हुई है।

कृषि में नई प्रौद्योगिकियों के लाभ

किसानों को अब पूरे खेत में एक समान मात्रा में पानी, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव करने की ज़रूरत नहीं है। इसके बजाय, वे बहुत विशिष्ट क्षेत्रों के लिए आवश्यक न्यूनतम मात्रा का उपयोग कर सकते हैं या यहां तक ​​कि अलग-अलग पौधों का अलग-अलग उपचार भी कर सकते हैं इसके फायदे भी शामिल हैं।