एफपीओ

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एफपीओ (FPO) से सम्बंधित जानकारी

केंद्र सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए किसानों को सहायता प्रदान कर उन्हें समृद्ध बनाने की योजना बन रही है इसके लिए FPO द्वारा किसानों के समूहों को तैयार किया जायेगा। FPO किसानों का एक ऐसा समूह होता है, जिसमे किसानों के कृषि उत्पादक के कार्य को आगे बढ़ाने का काम किया जाता है।

योजना के संचालन के लिए केंद्र सरकार द्वारा 5,000 करोड़ रूपए खर्च किये जायेंगे। FPO के माध्यम से किसानों को उनकी फसल के अच्छे दाम प्राप्त हो सकेंगे।

एफपीओ क्या है ?

यह किसानों का एक संगठित समूह होता है, जिसका कार्य कृषि के उत्पादन कार्यो को बढ़ाना और कृषि से सम्बंधित व्यावसायिक गतिविधियों के बारे में किसानों को बताना है। यदि किसान भाई चाहे तो एक समूह बनाकर कंपनी एक्ट में रजिस्टर्ड कर FPO तैयार कर सकते हैं। FPO कृषि करने वाले किसान तथा व्यावसायिक गतिविधियों को चलाने में सामान विचार रखने वाले किसान, एक या एक से अधिक गाँव के किसान मिलकर इस तरह के समूह को स्वयं तैयार कर सकते हैं।

FPO का फायदा यह होगा कि किसानों को अपनी फसल के अच्छे दाम प्राप्त होंगे और खरीदारों को भी उचित मूल्य पर उत्पादन प्राप्त होगा। इसके अलावा वह व्यक्ति जो अपनी फसल को बेचने के लिए अकेले ही चला जाता है, उसका मुनाफा बिचौलियों को मिल जाता है।   FPO में आवेदन कर किसान अनेक प्रकार के लाभों को प्राप्त कर सकते हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण का कहना है कि देश में वर्ष 2024 तक तक़रीबन 10,000 नए FPO का संगठन किया जाएगा, जिससे किसानों में सामूहिक शक्ति का विस्तार होगा।

एफपीओ के लाभ

यह एक सीमांत व लघु किसानों का समूह होगा, इस समूह से जुड़े किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम मिलेंगे साथ ही उन्हें खाद, बीज, दवाएं और कृषि उपकरणों को खरीदने में भी आसानी होगी।

किसानों द्वारा एफपीओ समूह को संगठित करने के बाद मिलने वाली सेवाएं सस्ते दामों पर प्राप्त हो जाएँगी, इसमें बिचौलियों का कोई काम नहीं होगा।

इन FPO के माध्यम से किसानों को अपने उत्पादन के अच्छे दाम प्राप्त करने के लिए एक सीधा मार्केट मिल जायेगा |

FPO संगठन समूह को तैयार करने के बाद किसानों के मध्य एकजुटता देखने को मिलेगी और भविष्य में उनका शोषण नहीं होगा। केंद्र सरकार भी आगामी 5 वर्षो में लगभग 10 हजार कृषि उत्पादक संगठनों को तैयार करने में लगी है।

एफपीओ कैसे बनाएं

देश का कोई भी किसान FPO समूह का सदस्य बन सकेगा।

FPO संगठन में 10 लाख वर्किंग कैपिटल की जरूरत होगी। एक संगठन को तैयार करने में न्यूनतम 10 किसानों का होना जरूरी है और एक संगठन में अधिकतम 1000 किसानों को ही जोड़ा जा सकता है।

एक हजार किसान समूह वाले संगठन का प्रत्येक किसान एक हजार रूपए देकर दस लाख के वर्किंग कैपिटल को जुटा सकते हैं।

किसानो को FPO में आवेदन कराने के लिए कुछ शुल्क देना होता है |

एफपीओ में पंजीकरण कैसे करें  (FPO Online Registration)

एफपीओ में पंजीकरण के लिए आपको कृषि समाधान की आधिकारिक वेबसाइट http://www.krishisamdhan.org   पर जाना होगा।

आपके सामने एफपीओ में पंजीकरण का एक फॉर्म खुल कर आ जाएगा।

इस फॉर्म में आपको पूछी गई सभी जानकारियों को सही भरना होगा।

फॉर्म को ठीक तरह से भरने के बाद आपको Submit बटन पर क्लिक करना होगा।

इस तरह से FPO में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

फूड प्रोसेसिंग यूनिट (खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि आधारित इकाई)

फूड प्रोसेसिंग यूनिट कृषि व्यवसाय की एक महत्वपूर्ण इकाई है जहाँ फल, सब्जी सहित अन्य खाद्य सामग्री और पेय पदार्थों को प्रसंस्करण के लिए रखा जाता है। फूड प्रोसेसिंग एक तरह की टेक्नोलॉजी है। खाद्य प्रसंस्करण का तात्पर्य ऐसी गतिविधियों से है जिसमें प्राथमिक कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर उनका मूल्यवर्धन किया जाता है। ऐसे में कारोबारी इस क्षेत्र में कम निवेश और बेहतर कारोबारी सहायता के जरिए एक नया मुकाम बना सकते हैं।